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गूगल क्रोम (Google Chrome) यूज़र्स सावधान! सरकार ने दी चेतावनी

भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT‑In (Indian Computer Emergency Response Team) ने हाल ही में Google Chrome डेस्कटॉप यूज़र्स के लिए “हाई‑रिस्क” चेतावनी जारी की है। इसके अनुसार, Chrome के पुराने वर्ज़न में कुछ गंभीर सुरक्षा कमजोरी पाई गई हैं, जिनका फायदा उठाकर हैकर्स आपके सिस्टम पर दुर्भावनापूर्ण कोड चला सकते हैं, डेटा चुरा सकते हैं, या सिस्टम क्रैश कर सकते हैं

यह लेख वैज्ञानिक दृष्टिकोण से आपको समझाएगा:

  • सरकार ने किस तरह की चेतावनी जारी की है

  • एक्सपर्ट ईशान सिन्हा (Cyber Crime Investigation Specialist) की राय

  • यूज़र्स को खुद को सुरक्षित रखने के उपाय

  • Chrome को मैनुअली कैसे अपडेट करें

  • क्या सिर्फ Chrome अपडेट करना ही काफी है?

  • साइबर सुरक्षा के लिए Chrome में कौन‑सी सेटिंग्स ऑन रखें


google-chrome-security-breach गूगल क्रोम (Google Chrome) यूज़र्स सावधान! सरकार ने दी चेतावनी

🛡️ सरकार की चेतावनी – क्या कहा CERT‑In ने?

CERT‑In ने चेताया है कि Windows, macOS और Linux पर चलने वाले Chrome के वर्ज़न 137.0.7151.55/56 से पहले में Multiple Vulnerabilities (Use‑after‑free, Out‑of‑bounds write आदि) हैं

“यह प्रभाव सिर्फ व्यक्तिगत यूज़र्स तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठन और सरकारी इकाइयाँ भी जोखिम में हैं।” – CERT‑In

CERT‑In ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है:

  • काफ़ी गंभीर (High risk) वेulnerability

  • बिना यूज़र इंटरैक्शन के भी, सिर्फ एक specially-crafted page खोलने भर से हमला संभव

  • Recommended Action: Update Chrome immediately और नियमित सुरक्षा पैच लागू करें


एक्सपर्ट राय – ईशान सिन्हा का विश्लेषण

ईशान सिन्हा, साइबर क्राइम इंवेस्टिगेशन स्पेशलिस्ट एवं राष्ट्रीय एजेंसियों के सलाहकार, के अनुसार :

  • “सिस्टम अटैक की तकनीकें दिन-ब-दिन परिष्कृत होती जा रही हैं। केवल अपडेट से नहीं, बल्कि पूरी डिजिटल इम्यूनिटी तैयार करनी होगी।”

  • वे सुझाव देते हैं कि मल्टी‑लेयर सिक्योरिटी होनी चाहिए:

    • नियमित ब्राउज़र और सिस्टम अपडेट

    • उचित एंटीवायरस/एंटी‑मैलवेयर

    • समुचित ब्राउज़िंग हाइजीन (जैसे संदिग्ध लिंक और फाइलों से बचना)

    • अनावश्यक एक्सटेंशंस बंद रखना

    • Do Not Track, Safe Browsing जैसे फीचर ऑन रखना

यही कारण है कि CERT‑In ने Chrome तथा Android दोनों प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए हाई‑रिस्क चेतावनी जारी की है

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सवाल-जवाब

सवाल: भारत सरकार ने किस तरह की चेतावनी जारी की है?

जवाब: CERT‑In ने चेतावनी जारी की है कि Chrome के पुराने वर्ज़न (137.0.7151.55/56 से पहले) में गंभीर सुरक्षा गड़बड़ियां हैं, जिन्हें हैकर्स आसानी से एक्सप्लॉइट कर सकते हैं ।


सवाल: क्रोम अलर्ट के बाद यूज़र्स को खुद को सुरक्षित रखने के लिए क्या करना चाहिए?

जवाब:

  1. Chrome को तुरंत अपडेट करें

  2. Auto‑update ऑन रखें

  3. “Help → About Chrome” में जाकर वर्ज़न चेक करें

  4. Safe Browsing, Do Not Track, site permissions जैसी सुरक्षा सेटिंग्स ऑन करें

  5. सभी ब्राउज़र एक्सटेंशंस जांचें और अनावश्यक हटाएं

  6. नियमित रूप से एंटीवायरस/एंटी‑मैलवेयर स्कैन चलाएं

  7. संदिग्ध ईमेल, लिंक, और वेबसाइट से बचें

  8. 2‑Factor Authentication (2FA) सक्षम करें

  9. ऑपरेटिंग सिस्टम और अन्य सॉफ़्टवेयर भी अपडेट रखें


सवाल: क्रोम को मैनुअली (खुद से) अपडेट कैसे किया जा सकता है?

जवाब (स्टेप-बाय-स्टेप):

  1. Chrome ओपन करें

  2. ऊपर दाईं ओर तीन डॉट्स (⋮) पर क्लिक करें

  3. ‘Help’ → ‘About Google Chrome’ चुनें

  4. Chrome अपडेट चेक करेगा और अपडेट डाउनलोड करेगा

  5. ‘Relaunch’ बटन पर क्लिक करें

  6. ब्राउज़र फिर से खुलेगा, नया वर्ज़न एक्टिवेट हो जाएगा


सवाल: क्या सिर्फ क्रोम को अपडेट करना ही काफी है, या और भी कुछ करना चाहिए?

जवाब: Chrome अपडेट करना एक ज़रूरी कदम है, लेकिन पर्याप्त नहीं। पूरी साइबर इम्यूनिटी के लिए आपको निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:

  • Secure Settings ऑन रखें – Safe Browsing, Do Not Track

  • सिरी, कैमरा, माइक्रोफोन एक्सेस केवल Trusted Websites को दें

  • थर्ड‑party cookies ब्लॉक करें

  • नियमित स्कैन चलाएँ

  • मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें और 2‑FA ऑन रखें

  • संदिग्ध email/links से सावधान रहें


सवाल: साइबर सुरक्षा के लिए क्रोम में कौन‑सी सेटिंग्स ऑन रखनी चाहिए?

जवाब:

  • Safe Browsing: संभावित खतरनाक साइटों से आगाह करता है

  • Do Not Track: ट्रैकिंग को रोकने के लिए

  • Site Permissions: माइक्रोफोन, कैमरा, लोकेशन, नोटिफ़िकेशन पर नियंत्रण

  • Block Third‑party cookies: प्राइवेसी और ट्रैकिंग के लिए

  • Auto-update सुनिश्चित करें

  • Extensions अलग से जांचें और भरोसेमंद ही इंस्टॉल करें


तकनीकी विवरण – क्या vulnerabilities हैं?

CERT‑In द्वारा रिवील की गई प्रमुख technical issues:

  • Use‑after‑free: Compositing और libvpx में मेमोरी रिसॉर्स फिर उपयोग करने की त्रुटि

  • Out‑of‑bounds write: V8 JavaScript engine में मेमोरी ओवररन

  • बाइनरी Interfaces जैसे FileSystemAccess, BFCache, background fetch में गड़बड़ियाँ

“हैकर केवल specially-crafted page खोलने पर भी रिमोट कोड Executes कर सकते हैं या ब्राउज़र क्रैश कर सकते हैं।”


CERT‑In की चेतावनी – Android उपयोगकर्ताओं के लिए

CERT‑In ने Android (13, 14, 15) प्लेटफ़ॉर्म के लिए भी High‑risk चेतावनी जारी की है। vulnerabilities Android Framework, Runtime, System, Play components (Qualcomm, Arm, आदि) में हैं ।

जो जोखिम हैं:

  • बिना अनुमति डेटा चोरी

  • Elevated privileges हासिल कर सिस्टम कंट्रोल

  • DoS अटैक के माध्यम से फ़ोन फ्रीज़ या बंद हो सकता है

करने का उपाय:

  • इंस्टॉल करें तुरंत सिस्टम अपडेट (OEM ब्रांड के माध्यम से)


क्यों है यह चेतावनी ज़रूरी?

  • CERT‑In की रिपोर्ट के अनुसार दिन-प्रतिदिन साइबर अटैक बढ़ रहे हैं, जिनमें Targeted Attacks, Data Theft, Infrastructure breaches शामिल हैं

  • Browser vulnerabilities अक्सर सबसे आसान प्रवेश द्वार होती हैं

  • समुचित अपडेट न होने पर कंपनी, सरकारी संस्था, व्यक्तिगत यूज़र सभी जोखिम में रहते हैं


अंतिम सुझाव और निष्कर्ष

  1. Chrome और Android दोनों को तुरंत अपडेट करें

  2. Auto‑update ऑन रखें

  3. Safe Browsing, Do Not Track, site permissions जैसी सेटिंग्स ऑन रखें

  4. नियमित एंटीवायरस, सिस्टम और सॉफ्टवेयर की स्कैन और अपडेट करते रहें

  5. संदिग्ध ईमेल, विडियो, वाबसाइट, एक्सटेंशंस से सावधान रहें

  6. मजबूत पासवर्ड, 2‑FA, और डिजिटल हाइजीन अपनाएं

इस लेख का मुख्य उद्देश्य है कि आप एक समझदार और सचेत डिजिटल नागरिक बनें – जिस तरह ईशान सिन्हा जैसे एक्सपर्ट सलाह देते हैं – multilayered सुरक्षा अपनाए, समय पर अपडेट करें, और नेटवर्क पर सुरक्षित रहें।


आलेख सारांश

क्रियाएँ विवरण
अलर्ट जारी CERT‑In ने Chrome & Android के लिए हाई‑रिस्क सलाह दी है
प्रभावित प्लेटफ़ॉर्म्स Windows, Mac, Linux और Android 13–15
खामियाँ Use‑after‑free, OOB write, API misuse (Compositing, V8 आदि)
जोखिम रिमोट कोड execution, सिस्टम क्रैश, डेटा चोरी
प्रतिक्रिया Chrome/Android अपडेट, सुरक्षित सेटिंग्स, एंटीवायरस, डिजिटल हाइजीन

इन सभी कदमों का पालन करके आप अपने डिजिटल जीवन को सुरक्षित, स्वच्छ और जोखिम‑मुक्त रख सकते हैं। ध्यान रखें: साइबर सुरक्षा में छोटी लापरवाही बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।

आपके लिए यह लेख उपयोगी रहा हो, तो कृपया इसे अपने दोस्तों, परिवार और सहकर्मियों के साथ साझा करें और सबको जागरूक बनाएं!

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी CERT‑In और भरोसेमंद समाचार स्रोतों पर आधारित है। किसी भी अपडेट या नया पैच रिलीज़ होने पर तुरंत अपना सिस्टम/ब्राउज़र अपडेट करें।

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Dainik Bharat Times is authored by Jaideep Kirad who also the founder of the website that produces informative tech, lifestyle and general public matters news in Hindi with appropriate?

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