“दिवाली सेल के नाम पर बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड! जानिए कैसे बचें Diwali Sale Scam से”
हर साल दिवाली सेल का नाम सुनते ही भारत में ऑनलाइन शॉपिंग का जोश बढ़ जाता है। Amazon, Flipkart, Myntra, Meesho जैसी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां भारी डिस्काउंट का लालच देकर ग्राहकों को आकर्षित करती हैं। लेकिन इसी दौरान Diwali Sale Scam करने वाले साइबर ठग भी एक्टिव हो जाते हैं। वे नकली वेबसाइट, फेक ऐप और झूठे ऑफर के जरिए हजारों लोगों को लूट लेते हैं। इसलिए इस दिवाली पर सिर्फ सस्ते दाम के चक्कर में न पड़ें, बल्कि समझदारी से खरीदारी करें।
इस लेख में हम बताएंगे — ऑनलाइन शॉपिंग में होने वाले Diwali Sale Scam से कैसे बचें, असली और नकली वेबसाइट की पहचान कैसे करें, और किन गलतियों से हर कीमत पर बचना चाहिए।
🎯 दिवाली सेल के समय ऑनलाइन शॉपिंग करते हुए सबसे बड़ा खतरा क्या होता है – Diwali Sale Scam?
सबसे बड़ा खतरा “फर्जी वेबसाइट और पेमेंट फ्रॉड” का होता है।
साइबर अपराधी इन दिनों असली वेबसाइट की हूबहू कॉपी बना देते हैं और आकर्षक डिस्काउंट दिखाकर यूज़र से पेमेंट करवाते हैं। जैसे ही आप भुगतान करते हैं, ऑर्डर तो कन्फर्म दिखता है लेकिन प्रोडक्ट कभी डिलीवर नहीं होता। यही असली Diwali Sale Scam है।
इन फर्जी साइट्स के URL आम तौर पर असली वेबसाइट से थोड़ा अलग होते हैं, जैसे “amaz0n-deals.in” या “flipkart-sale-offer.com”। ध्यान दें कि “.in”, “.net”, या “.xyz” जैसे डोमेन कई बार असली ब्रांड से जुड़े नहीं होते।
💬 एक्सपर्ट एडवाइस: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस
“दिवाली के समय सबसे ज़्यादा ऑनलाइन फ्रॉड इसलिए होते हैं क्योंकि यूज़र्स डिस्काउंट के लालच में सतर्कता भूल जाते हैं।”
राहुल मिश्रा, जो उत्तर प्रदेश पुलिस के साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर हैं, का कहना है कि इस साल Diwali Sale Scam के मामले तेजी से बढ़े हैं। ठग अब केवल ईमेल या SMS नहीं, बल्कि सोशल मीडिया ऐड, WhatsApp ग्रुप और Telegram चैनल के ज़रिए भी लोगों को झांसा दे रहे हैं।
वे कहते हैं —
“आजकल साइबर अपराधी असली वेबसाइट की हूबहू कॉपी बनाकर फर्जी लिंक भेजते हैं। लोग जब उसमें पेमेंट करते हैं, तो पैसा सीधा स्कैमर के अकाउंट में चला जाता है। इसलिए किसी भी ‘अत्यधिक आकर्षक ऑफर’ पर तुरंत भरोसा न करें।”
राहुल मिश्रा ने सुरक्षित ऑनलाइन शॉपिंग के लिए कुछ ज़रूरी सुझाव दिए हैं:
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केवल वेरिफाइड वेबसाइट या ऐप से ही खरीदारी करें।
— “URL में ‘https://’ और लॉक आइकन हमेशा देखें। अगर यह नहीं दिख रहा, तो साइट तुरंत बंद कर दें।” -
सोशल मीडिया ऐड से प्रोडक्ट खरीदने से बचें।
— “इन ऐड्स के पीछे ज़्यादातर फेक वेबसाइट्स होती हैं जो Diwali Sale Scam का हिस्सा होती हैं।” -
प्रीपेड पेमेंट की बजाय ‘कैश ऑन डिलीवरी’ को प्राथमिकता दें।
— “अगर प्रोडक्ट नकली निकला, तो आप तुरंत भुगतान करने से इनकार कर सकते हैं।” -
रिव्यू और रेटिंग जरूर पढ़ें।
— “फर्जी वेबसाइट्स पर या तो कोई रिव्यू नहीं होते, या सभी रिव्यू एक जैसे होते हैं — यह स्पष्ट संकेत है कि साइट असली नहीं है।” -
अज्ञात लिंक, SMS या WhatsApp मैसेज पर क्लिक न करें।
— “इनमें अक्सर ट्रोजन या फिशिंग लिंक होते हैं जो आपके बैंकिंग डेटा को चुरा सकते हैं।”
राहुल मिश्रा यह भी सलाह देते हैं कि अगर किसी व्यक्ति से धोखाधड़ी हो जाए तो तुरंत cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें और अपने बैंक को भी सूचित करें।
“फ्रॉड का पता चलते ही त्वरित कार्रवाई करने से कई बार पूरा पैसा वापस मिल सकता है,” वे कहते हैं।
उन्होंने अंत में कहा —
“दिवाली की खुशियां तभी सच्ची हैं जब आपकी डिजिटल सुरक्षा बरकरार रहे। सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।”
🔍 नकली वेबसाइट या ऐप को पहचानने का आसान तरीका क्या है?
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URL चेक करें: वेबसाइट हमेशा “https://” से शुरू होनी चाहिए। “http://” वाली साइट असुरक्षित होती है।
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स्पेलिंग देखें: असली वेबसाइट के नाम की गलत स्पेलिंग जैसे “amazzon” या “flipkartt” नकली होने का संकेत हैं।
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कॉन्टैक्ट डिटेल्स चेक करें: फेक वेबसाइट्स पर कोई वैध कस्टमर केयर नंबर या एड्रेस नहीं होता।
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ऐप डाउनलोड केवल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से करें। किसी लिंक से APK फाइल डाउनलोड न करें — यह एक आम Diwali Sale Scam का तरीका है।
💡 असली और नकली ऑफर में फर्क कैसे समझें?
अगर कोई वेबसाइट “₹50,000 का मोबाइल सिर्फ ₹4,999 में” दे रही है, तो ये साफ़ संकेत है कि कुछ गड़बड़ है। असली ब्रांड्स भी डिस्काउंट देते हैं, लेकिन वे कभी भी प्रोडक्ट की कीमत का 80-90% कम नहीं करते।
नियम याद रखें: “Too good to be true” ऑफर ज़्यादातर फेक होते हैं।
असली सेल हमेशा अपनी आधिकारिक वेबसाइट, ऐप या ई-कॉमर्स पार्टनर प्लेटफॉर्म पर होती है। किसी अनजान लिंक या इंस्टाग्राम/Facebook ऐड से खरीदारी करना सीधा Diwali Sale Scam का निशाना बनना है।
🕵️♀️ शॉपिंग से पहले वेबसाइट और सेलर की विश्वसनीयता जांचने के तरीके
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साइट की रिव्यू रेटिंग गूगल पर सर्च करें।
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WHOIS टूल से वेबसाइट की रजिस्ट्रेशन डेट देखें। नई बनी साइट पर भरोसा न करें।
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सेलर रेटिंग और रिव्यू देखें। अगर कई ग्राहकों ने “फेक प्रोडक्ट मिला” लिखा है, तो वहीं रुक जाएं।
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ब्रांड का वेरिफाइड बैज देखें। Flipkart, Amazon पर “Fulfilled by Amazon” या “Flipkart Assured” जैसे टैग सुरक्षित होते हैं।
💳 पेमेंट करते समय किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए?
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डेबिट कार्ड की बजाय क्रेडिट कार्ड या UPI से पेमेंट करें, क्योंकि इनके जरिए रिफंड आसान होता है।
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कभी भी प्रीपेड पेमेंट लिंक या QR कोड से पेमेंट न करें — यह सबसे आम Diwali Sale Scam ट्रिक है।
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वन-टाइम पासवर्ड (OTP) किसी के साथ शेयर न करें।
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पेमेंट पेज पर “https” और लॉक आइकन जरूर देखें।
🪙 ऑनलाइन पेमेंट और कैश ऑन डिलीवरी में कौन-सा ऑप्शन सुरक्षित माना जाए?
सुरक्षा की दृष्टि से कैश ऑन डिलीवरी (COD) सबसे सुरक्षित विकल्प है।
क्योंकि अगर प्रोडक्ट नकली या गलत निकले, तो आप तुरंत भुगतान करने से मना कर सकते हैं। जबकि ऑनलाइन पेमेंट में पैसा वापस मिलने में हफ्तों लग जाते हैं। हालांकि, भरोसेमंद वेबसाइट पर ऑनलाइन पेमेंट भी ठीक है, लेकिन अज्ञात साइट पर COD ही चुनें — इससे आप किसी Diwali Sale Scam का शिकार नहीं बनेंगे।
🌟 प्रोडक्ट खरीदने से पहले रिव्यू और रेटिंग क्यों जरूरी हैं?
रिव्यू और रेटिंग असली खरीदारों का अनुभव बताते हैं।
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4+ स्टार रेटिंग और सकारात्मक रिव्यू वाले प्रोडक्ट ज़्यादातर भरोसेमंद होते हैं।
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अगर रिव्यू में “फेक प्रोडक्ट”, “खराब पैकिंग” या “डिलीवरी नहीं हुई” जैसे कमेंट दिखें, तो तुरंत अलर्ट हो जाएं।
यही रिव्यू आपको कई बार Diwali Sale Scam से बचा सकते हैं।
🚨 अगर फर्जी सामान या गलत प्रोडक्ट डिलीवर हो जाए तो तुरंत क्या करना चाहिए?
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ऑर्डर की फोटो और वीडियो प्रूफ रखें।
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तुरंत वेबसाइट या ऐप के हेल्प सेक्शन में शिकायत करें।
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अगर रिटर्न या रिफंड नहीं होता, तो consumerhelpline.gov.in या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
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बैंक या UPI ऐप से ट्रांजेक्शन डिटेल लेकर चार्जबैक रिक्वेस्ट करें।
याद रखें, देर करने से पैसा वापस मिलना मुश्किल हो सकता है। इसलिए किसी Diwali Sale Scam में फंसने के बाद तुरंत एक्शन लें।
📜 दिवाली सेल में रिटर्न और रिफंड पॉलिसी को पढ़ना क्यों जरूरी है?
हर वेबसाइट की रिटर्न और रिफंड पॉलिसी अलग होती है। कई फेक साइट्स रिटर्न स्वीकार नहीं करतीं, या “नो रिफंड” लिख देती हैं। इसलिए खरीदने से पहले यह जरूर देखें कि अगर प्रोडक्ट गलत निकला तो आपको पैसा कैसे और कब मिलेगा।
असली वेबसाइटें 7–10 दिन की रिटर्न विंडो देती हैं। अगर पॉलिसी अस्पष्ट या छिपी हुई है, तो यह किसी Diwali Sale Scam की ओर इशारा हो सकता है।
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❌ ऑनलाइन शॉपिंग में न करें ये 6 गलतियां
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अज्ञात वेबसाइट या लिंक से खरीदारी करना।
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“Too good to be true” ऑफर पर भरोसा करना।
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किसी लिंक से APK डाउनलोड करना।
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बिना SSL (https) साइट पर पेमेंट करना।
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रिव्यू और पॉलिसी पढ़े बिना ऑर्डर करना।
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OTP या कार्ड डिटेल किसी से शेयर करना।
इन गलतियों से बचकर आप न सिर्फ सुरक्षित रहेंगे, बल्कि हर तरह के Diwali Sale Scam से भी दूर रहेंगे।
💎 11 ज़रूरी टिप्स — Diwali Sale Scam से बचने के लिए
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हमेशा भरोसेमंद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से ही खरीदारी करें।
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किसी भी ऑफर लिंक पर क्लिक करने से पहले URL चेक करें।
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फेक सेल वाले SMS या WhatsApp लिंक पर क्लिक न करें।
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सोशल मीडिया ऐड से शॉपिंग करने से बचें।
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साइट के अबाउट पेज, रिव्यू और कॉन्टैक्ट डिटेल्स पढ़ें।
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ब्राउज़र में वेबसाइट को खुद टाइप करें, लिंक से न जाएं।
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ब्राउज़र में एड-ब्लॉकर और एंटीवायरस यूज़ करें।
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पेमेंट पेज पर लॉक आइकन जरूर देखें।
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हर ट्रांजेक्शन के बाद SMS/Email नोटिफिकेशन ऑन रखें।
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किसी भी असामान्य ईमेल, SMS या कॉल को तुरंत रिपोर्ट करें।
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अगर शक हो, तो खरीदारी न करें — थोड़ा महंगा खरीदना बेहतर है, ठगे जाने से।
🪔 निष्कर्ष: सुरक्षित शॉपिंग करें, समझदारी से दिवाली मनाएं
दिवाली खुशियों और रौशनी का त्योहार है, लेकिन साइबर ठगों के लिए यह “कमाई का सीजन” बन गया है।
इसलिए जागरूक रहें, समझदारी से खरीदारी करें, और किसी भी Diwali Sale Scam का शिकार न बनें।
याद रखें — असली दिवाली तभी है जब आपकी मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे।
Dainik Bharat Times is authored by Jaideep Kirad who also the founder of the website that produces informative tech, lifestyle and general public matters news in Hindi with appropriate?




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