टेस्ला साइबरट्रक (Tesla Cybertruck) की भारत में एंट्री: गुजरात में स्पॉट हुआ
परिचय
टेस्ला का बहुप्रतीक्षित इलेक्ट्रिक पिकअप ट्रक, साइबरट्रक, आखिरकार भारत में पहुंच गया है, और वह भी गुजरात राज्य में। इसका ऑर्डर सूरत के जाने-माने डायमंड कारोबारी लवजी बादशाह ने दिया है। यह भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। साइबरट्रक की आगमन से न केवल इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति लोगों की रुचि बढ़ेगी, बल्कि यह भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में एक नई दिशा भी प्रदान करेगा।
टेस्ला साइबरट्रक: एक परिचय
डिजाइन और निर्माण
टेस्ला साइबरट्रक का डिजाइन पारंपरिक ट्रकों से बिल्कुल अलग है। इसकी बॉडी 30X कोल्ड-रोल्ड स्टेनलेस स्टील से बनी है, जो इसे डेंट और डैमेज रेजिस्टेंट बनाती है। इसके अलावा, इसमें टेस्ला का आर्मर ग्लास उपयोग किया गया है, जो इसे और भी मजबूत बनाता है।
प्रदर्शन और क्षमताएं
साइबरट्रक तीन वेरिएंट्स में उपलब्ध है: सिंगल मोटर RWD, डुअल मोटर AWD, और ट्राई-मोटर AWD। सिंगल मोटर वेरिएंट की रेंज लगभग 400 किमी है, जबकि ट्राई-मोटर वेरिएंट की रेंज 800 किमी तक हो सकती है। यह ट्रक 6.3 टन तक का भार खींचने में सक्षम है।
इंटीरियर और फीचर्स
साइबरट्रक में 6 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। इसमें 17 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम है, जो टेस्ला की अन्य कारों में भी देखा जाता है। इसके अलावा, इसमें 2800 लीटर का लगेज स्टोरेज स्पेस और 400 मिमी का ग्राउंड क्लीयरेंस है।
भारत में साइबरट्रक की एंट्री
गुजरात में आगमन
भारत में साइबरट्रक की पहली यूनिट गुजरात में पहुंची है। यह भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता का संकेत है। गुजरात सरकार की इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की नीतियों के चलते यह राज्य इस तरह की नई तकनीकों के लिए उपयुक्त स्थल बन गया है।
बुकिंग और डिलीवरी
टेस्ला ने नवंबर 2019 में साइबरट्रक की बुकिंग शुरू की थी, और अब तक 19 लाख से अधिक बुकिंग हो चुकी हैं। कंपनी ने सितंबर 2024 से मास प्रोडक्शन शुरू करने की योजना बनाई है। वर्तमान में, यूरोपीय और एशियाई बाजारों में ग्राहक $100 (लगभग ₹8,199) का भुगतान करके प्री-बुकिंग कर सकते हैं।
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का भविष्य
सरकारी नीतियां और समर्थन
भारत सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न नीतियां और योजनाएं लागू कर रही है, जैसे कि FAME (Faster Adoption and Manufacturing of Hybrid and Electric Vehicles) योजना। इन नीतियों के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सब्सिडी और टैक्स में छूट प्रदान की जाती है।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर
इलेक्ट्रिक वाहनों की सफलता के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत में विभिन्न कंपनियां और सरकारी एजेंसियां मिलकर चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाने पर काम कर रही हैं। गुजरात जैसे राज्यों में यह प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
उपभोक्ताओं की मानसिकता
भारतीय उपभोक्ताओं की मानसिकता भी धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर झुक रही है। बढ़ती ईंधन कीमतें, पर्यावरणीय चिंताएं, और नवीनतम तकनीकों के प्रति आकर्षण इस बदलाव के प्रमुख कारण हैं।
निष्कर्ष
टेस्ला साइबरट्रक का भारत में आगमन एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह न केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में नवाचार और तकनीकी उन्नति का प्रतीक भी है। गुजरात में इसकी पहली उपस्थिति से यह स्पष्ट है कि भारत इलेक्ट्रिक वाहनों के भविष्य के लिए तैयार है।
यदि आप भी इलेक्ट्रिक वाहनों में रुचि रखते हैं, तो टेस्ला साइबरट्रक जैसे उन्नत तकनीक वाले वाहनों की जानकारी रखना आपके लिए लाभकारी हो सकता है।
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