वॉट्सऐप (WhatsApp Ads) चैनल से अब कमा सकेंगे पैसे – जानिए Meta का नया प्लान
वॉट्सऐप अब दिखाएगा विज्ञापन, लेकिन कहां?
वॉट्सऐप हमेशा से एक ऐसा ऐप रहा है जो बिना किसी विज्ञापन के चलता था। लेकिन अब एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मेटा (Meta), जो वॉट्सऐप की मालिक कंपनी है, ने फैसला किया है कि अब वॉट्सऐप में “Updates टैब” यानी स्टेटस और चैनल वाले सेक्शन में विज्ञापन दिखाए जाएंगे।
अभी भी आप किसी दोस्त से चैट करते हैं, ग्रुप में बातें करते हैं या कॉल करते हैं — वहां आपको कोई विज्ञापन नहीं दिखाई देगा। सिर्फ जहां लोग स्टेटस देखते हैं या चैनल फॉलो करते हैं, वहीं विज्ञापन होंगे।
ये बदलाव क्यों लाया गया?
मेटा का कहना है कि वो चाहते हैं कि वॉट्सऐप अब सिर्फ चैटिंग ऐप न होकर एक ऐसा प्लेटफॉर्म बने जहां से कमाई भी हो सके, जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम से होती है।
और क्योंकि दुनिया भर में करीब 3 अरब लोग वॉट्सऐप इस्तेमाल करते हैं, तो उनके पास एक बड़ा मौका है।
क्या हमारी प्राइवेसी सुरक्षित रहेगी?
इस बदलाव के बाद सबसे बड़ा सवाल है – क्या अब हमारी चैट भी ट्रैक होगी?
इसका जवाब है – नहीं।
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आपकी चैट, कॉल्स या मीडिया कोई नहीं देख सकता।
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वॉट्सऐप की एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन पहले की तरह ही चालू रहेगी।
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जो विज्ञापन दिखेंगे वो आपकी भाषा, लोकेशन, और जिन चैनल्स को आप फॉलो करते हैं — उनके आधार पर तय होंगे।
आपके फोन नंबर या चैट का कंटेंट किसी विज्ञापनदाता से शेयर नहीं किया जाएगा।
इसमें फायदा किसका है?
1. बिज़नेस और क्रिएटर्स का:
अब छोटे बिज़नेस और कंटेंट क्रिएटर्स अपने चैनल्स को “Promoted Channel” की तरह दिखा पाएंगे और चैनल पर सब्सक्रिप्शन चार्ज भी ले सकेंगे।
2. Meta (मालिक कंपनी) का:
अब मेटा को वॉट्सऐप से भी अच्छी खासी कमाई होगी, जो पहले सिर्फ फेसबुक और इंस्टाग्राम से आती थी।
3. यूज़र का:
जो लोग स्टेटस और चैनल्स देखते हैं, उन्हें अब ज़्यादा रिलेटेड और उपयोगी विज्ञापन मिल सकते हैं।
वॉट्सऐप की कहानी – कहां से शुरू हुआ और आज कहां है?
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वॉट्सऐप की शुरुआत 2009 में Jan Koum और Brian Acton ने की थी।
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2014 में मेटा (तब Facebook) ने इसे 19 अरब डॉलर में खरीद लिया।
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तब से आज तक, ऐप में धीरे-धीरे नए फीचर जुड़ते गए — जैसे वॉट्सऐप बिज़नेस, स्टेटस, चैनल, पेमेंट्स, आदि।
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और अब 2025 में, पहली बार इसमें विज्ञापन जोड़े जा रहे हैं।
वॉट्सऐप और Meta में कितने लोग काम करते हैं?
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जब मेटा ने वॉट्सऐप खरीदा, तब वहां सिर्फ 55 लोग काम करते थे।
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अब पूरी Meta कंपनी में लगभग 77,000 कर्मचारी काम कर रहे हैं।
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Meta की कमाई का 97% हिस्सा सिर्फ विज्ञापन से आता है।
भारत और अमेरिका के यूज़र्स के लिए इसका मतलब क्या है?
भारत:
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भारत में वॉट्सऐप के करीब 39 करोड़ यूज़र हैं।
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यहां यह बदलाव बड़ा असर डाल सकता है क्योंकि बहुत से लोग स्टेटस और चैनल्स पर एक्टिव रहते हैं।
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छोटे व्यापारियों को अब नया मौका मिलेगा अपने चैनल्स को प्रमोट करने का।
अमेरिका:
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अमेरिका में करीब 10 करोड़ लोग वॉट्सऐप इस्तेमाल करते हैं।
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वहां सरकार की प्राइवेसी पर सख्ती है, इसलिए मेटा को बहुत सावधानी से आगे बढ़ना होगा।
क्या यह फैसला सही है?
अगर आप सिर्फ चैट करते हैं या कॉल करते हैं तो आपको कोई फर्क महसूस नहीं होगा।
लेकिन अगर आप स्टेटस या चैनल देखते हैं, तो वहां विज्ञापन नज़र आएंगे।
यह कदम मेटा के लिए अच्छा साबित हो सकता है क्योंकि उन्हें नए रेवेन्यू के रास्ते मिल रहे हैं, लेकिन यूज़र्स को अब और सतर्क रहना पड़ेगा — खासकर अपनी डेटा सेटिंग्स और प्राइवेसी को लेकर।
अंतिम बात
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वॉट्सऐप अब पहले जैसा ऐप नहीं रह जाएगा — अब वो भी फेसबुक और इंस्टाग्राम की तरह एक कमर्शियल प्लेटफॉर्म बनने जा रहा है।
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यदि आप एक क्रिएटर हैं या बिज़नेस चलाते हैं, तो आपके लिए यह मौका है।
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यदि आप सिर्फ चैटिंग करते हैं, तो फिलहाल आपके लिए ज्यादा कुछ नहीं बदला।
तो क्या आप वॉट्सऐप के इस नए रूप को पसंद करेंगे या किसी दूसरे प्राइवेसी-फोकस्ड ऐप की ओर बढ़ेंगे? ये फैसला अब आपके हाथ में है।
Dainik Bharat Times is authored by Jaideep Kirad who also the founder of the website that produces informative tech, lifestyle and general public matters news in Hindi with appropriate?




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